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दक्षिणी भारत के प्रमुख राजवंश

भारत का इतिहास भाग : 8 (दक्षिण भारत के प्रमुख राजवंश)


दक्षिणी भारत के प्रमुख राजवंशों में चेर, चोल तथा पाण्ड्य वंश हैं. पाण्ड्य राजाओं के संरक्षण में रहने वाले कवि तथा विद्वानों की मण्डली को संगम कहा जाता था.

  #  चोल राज्य  


यह सबसे संगमकालीन सबसे प्राचीन राज्य था.
राजधानी : कुहार अथवा कावेरीपत्तनम
प्रतीकचिह्न : बाघ
प्रमुख शासक : करिकाल

  #  चेर राज्य  


प्रथम चेर शासक उदायिनजेरल था.
राजधानी : वान्जि (कोरकई)
प्रतीक चिह्न : धनुष
प्रमुख शासक : शेनगुट्टवन (यह "लाल चेर" के नाम से जाना जाता है.)

  #  पाण्ड्य राज्य  


 पाण्ड्य राज्य सुदूर दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व में थे.
राजधानी : मदुरै
प्रतीक चिह्न : मछली
प्रमुख शासक : पलशाले मुदुकुडुमी  

Note : इस टॉपिक से प्रमुख शासक तथा सम्बन्धित वंश के कई बार प्रश्न पूछे गये हैं.
Trick : बाघ ने चोला पहन कर धनुष से चेरी तोड़ी.
           चोल वंश : बाघ
           चेर वंश : धनुष
           पाण्ड्य वंश : मछली